Lyrics Mohabbat Hai Kya Cheez

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Mohabbat Hai Kya Cheez-(Prem Rog-1982)-Lyrics in English

Ye Din Kyun Niklta Hai
Ye Raat Kyun Hoti Hai
Ye Peedh Kahaan Se Uthti Hai
Ye Aankh Kyun Roti Hai

Mohabbat Hai Kya Cheez (2)
Ham Ko Batao
Muhabbat Hai Kya Cheez
Ham Ko Batao
Ye Kisne Shuru Ki
Kisne Shuru Ki
Hamen Bhi Sunao

Mohabbat Hai Kya Cheez
Ham Ko Batao
Ye Kisne Shuru Ki
Hamen Bhi Batao
Muhabbat Hai Kya Cheez (2)………

Shaam Tak Tha Ek Bhanwara
Phool Par Mandla Raha
Raat Hone Par Kamal Ki
Pankhadi Me Band Tha

Qaid Se Chhuta Subaha To
Ham Ne Puchha Kya Hua
Qaid Se Chhuta Subaha To
Ham Ne Puchha Kya Hua

Kuchh Na Bola (3)
Apni Dhun Me
Bas Yahi Gaata Raha

Mohabbat Hai Kya Cheez
Ham Ko Batao
Ye Kisne Shuru Ki
Hamen Bhi Sunao

Muhabbat Hai Kya Cheez (2)………

Dahekta Hai Badan Kaise
Sulagti Hai Ye Saansen Kyoon
Ye Kaisi Aag Hoti Hai
Pighalti Hai Ye Shamma Kyoon

Dahekta Hai Badan Kaise
Sulagti Hai Ye Saansen Kyoon
Ye Kaisi Aag Hoti Hai
Pighalti Hai Ye Shamma Kyoon

Jal Uthi Shamma To Machal Kar
Parawaana Aa Gaya
Aag Ke Daaman Me Apne
Aap Ko Lipta Diya
Hamne Puchha Doosare Ki
Aag Me Rakhkha Hai Kya
Kuchh Na Bola (3)
Apni Dhun Me
Bas Yahi Gaata Raha

Mohabbat Hai Kya Cheez
Ham Ko Batao
Ye Kisne Shuru Ki
Hamen Bhi Sunao
Mohabbat Hai Kya Cheez (2)………

Nasha Hota Hai Kaisa
Behkate Hai Kadam Kaise
Nazar Kuchh Bhi Nahin Aata
Ye Masti Kaisi Hoti Hai

Ek Din Guzre Jo Ham
Maykade Ke Mod Se
Ek Maykash Ja Raha Tha
May Se Rishta Jod Ke

Hamne Puchha Kis Liye
Tu Umra Bhar Peeta Raha
Hamne Puchha Kis Liye
Tu Umr Bhar Peeta Raha
Kuchh Na Bola (3)
Apni Dhun Me
Bas Yahi Gaata Raha

Mohabbat Hai Kya Cheez
Ham Ko Batao

Ye Kisne Shuru Ki
Hamen Bhi Sunao

Mohabbat Hai Kya Cheez
Ham Ko Batao

Ye Kisne Shuru Ki
Hamen Bhi Sunao
Mohabbat Hai Kya Cheez (4)………

Song: Mohabbat Hai Kya Cheez
Film: Prem Rog (1982)
Singer: Lata Mangeshkar, Suresh Wadkar
Music Director: Laxmikant-Pyarelal
Lyricist: Santosh Anand
Featuring: Rishi Kapoor, Padmini Kohlapure

Mohabbat Hai Kya Cheez-(Prem Rog-1982)-Lyrics in Hindi

ये दिन क्यों निकलता है
ये रात क्यों होती है
ये पीड कहाँ से उठती है
ये आँख क्यों रोती है

मुहब्बत है क्या चीज़ (2)
हम को बताओ
मुहब्बत है क्या चीज़
हम को बताओ
ये किसने शुरू की
किसने शुरू की
हमें भी सुनाओ

मुहब्बत है क्या चीज़ (2)
हम को बताओ
ये किसने शुरू की
हमें भी सुनाओ
मुहब्बत है क्या चीज़ (2)………

शाम तक था एक भंवरा
फूल पर मंडला रहा
रात होने पर कमल की
पंखड़ी में बंद था

क़ैद से छूटा सुबह तो
हम ने पूछा क्या हुआ
क़ैद से छूटा सुबह तो
हम ने पूछा क्या हुआ
कुछ ना बोला (3)
अपनी धुन में
बस यही गाता रहा

मुहब्बत है क्या चीज़
हम को बताओ
ये किसने शुरू की
हमें भी सुनाओ

मुहब्बत है क्या चीज़ (2)………

दहकता है बदन कैसे
सुलगती है ये साँसें क्यों
ये कैसी आग होती है
पिघलती है ये शम्मा क्यों
दहकता है बदन कैसे
सुलगती है ये साँसें क्यों
ये कैसी आग होती है
पिघलती है ये शम्मा क्यों

जल उठी शम्मा तो मचल कर
परवाना आ गया
आग के दामन में अपने
आप को लिपटा दिया
हमने पूछा दूसरे की
आग में रख्खा है क्या
कुछ ना बोला (3)
अपनी धुन में
बस यही गाता रहा

मुहब्बत है क्या चीज़
हम को बताओ
ये किसने शुरू की
हमें भी सुनाओ
मुहब्बत है क्या चीज़ (2)………

नशा होता है कैसा
बहकते है कदम कैसे
नज़र कुछ भी नहीं आता
ये मस्ती कैसी होती है

एक दिन गुज़रे जो हम
मयकदे के मोड़ से
एक मयकश जा रहा था
मय से रिश्ता जोड़ के

हमने पूछा किस लिए
तू उम्र भर पीता रहा
हमने पूछा किस लिए
तू उम्र भर पीता रहा
कुछ ना बोला (3)
अपनी धुन में
बस यही गाता रहा

मुहब्बत है क्या चीज़
हम को बताओ

ये किसने शुरू की
हमें भी सुनाओ

मुहब्बत है क्या चीज़
हम को बताओ

ये किसने शुरू की
हमें भी सुनाओ
मुहब्बत है क्या चीज़ (4)………

गीत: मुहब्बत है क्या चीज़
फिल्म: प्रेम रोग (1982)
गायक: सुरेश वाडकर, लता मंगेशकर
संगीतकार: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
गीतकार: संतोष आनंद
कलाकार: ऋषि कपूर, पद्मिनी कोल्हापुरे

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