Serious Man

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Serious Man (2020) Film Review

पिछली दो फिल्मो के बाद नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी एक बार फिर से नेटफ्लिक्स पर दिखाई देने वाले है | पिछली दो फिल्मे सेक्रेड गेम्स और रात अकेली है में नवाज़ुद्दीन के साथ राधिका आप्टे को भी देखा गया लेकिन ये दोनों कलाकार फिल्म सीरियस मैन में एक साथ नज़र नहीं आएंगे | सीरियस मैन को नेटफिल्क्स पर रिलीज़ किया गया है आज 2 अक्टूबर 2020 को |

सीरियस मैन आधारित है लेखक मनु जोसेफ के एक उपन्यास पर जो एक ब्राह्मण वैज्ञानिक के दलित निजी सहायक अयान मणि (नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी) की कहानी बताती है।

दलित होने के कारण अयान मणि को जीवन भर जीवन भर लोगो की भर्तसना का शिकार बनना पड़ता है लेकिन जब बात उसके १० वर्षीय प्रतिभाशाली बेटे की आती है तो वह अपने अपने और बेटे पर उठने वाली उँगलियों को तोड़ देना चाहता है जिसके लिए गांधीगिरी सरीखा रास्ता अपनाता है |

कास्ट और क्रू (Cast & Crew)

  • निर्देशक: सुधीर मिश्रा
  • निर्माता: भावेश मंडालिया, सेजल शाह
  • स्क्रीनप्ले: भावेश मंडालिया, अभिजीत खुमान
  • संगीत: करेल एंटोनिन
  • संपादन: अतनु मुख़र्जी
  • छायांकन: एलेग्जेंडर सुरकला

मुख्य कलाकार (Lead Actors)

  • नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी
  • अक्षत दास
  • इंदिरा तिवारी
  • नासार
  • श्वेता बासु प्रसाद
  • संजय नार्वेकर
  • विधि चितलिया

सीरियस मैन (2020) की कहानी (Full Story)

अयान मणि (नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी) एक तमिल दलित है जो मुंबई में एक झुग्गी में रहता है | अयान के परिवार में उसके पत्नी (इंदिरा तिवारी) और १० साल के बेटा (अक्षत दास) है |

तमिल होने के बावजूद अयान सबसे पहले एक भारतीय है और हर साधारण भारतीय नागरिक की तरह वो भी एक बेहतर जीवन व्यतीत करना चाहता है | अपने इस बेहतर जीवन के लिए अयान कुछ भी करने को तैयार है |

दलित वर्ग का होने के कारण अयान को समाज के ठेकेदारों का भी सामना करना पड़ता है लेकिन फिर भी अपने परिश्रम और मेहनत के बल पर अयान एक खगोलविद खगोलविद आचार्य (नासार) का निजी सहायक बनने में सफल हो जाता है ।

देखने वाली बात ये है की अयान का बॉस जाती से ब्राह्मण है जिसे समाज में उच्च स्थान प्राप्त है | अयान का काम सिर्फ प्रोफेशनल नहीं है उसे अपने ब्राह्मण बॉस को खुश रखने के हर संभव प्रयास करने पड़ते है |

जबकि ब्राह्मण बॉस को इस बात से को फर्क नहीं पड़ता की अयान उसके लिए क्या क्या करता है | बल्कि जब भी समय मिलता है वो अयान को नीचे दिखने की कोई कसार नहीं छोड़ता है |

अयान का बेटा आदि (अक्षत दास) एक प्रतिभाशाली छात्र है जो गणित के क्षेत्र में अद्भुत प्रतिभा रखता है | आदि की प्रतिभा अद्भुत है और अपनी इसी प्रतिभा के कारण जल्द ही वो शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापक की नज़रों में आ जाता है |

लेकिन इस प्रतिभाशाली बच्चे के एक कसूर है इसका दलित होना | तो ऐसे में जहाँ कुछ लोग आदि की प्रतिभा को दुनिया के सामने लाना चाहते है तो कुछ इस प्रतिभा को यहीं दबा देना चाहते है |

आखिरकार आदि की प्रतिभा दुनिया के सामने आ ही जाती है | मीडिया आदि को हाथों हाथ लेता है और जल्द ही राजनेता भी अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकने के लिए तैयार खड़े होते है |

Serious Man Trailer

Traile Serious Man 2020

अब शुरू होता है एक खेल जिसमे ये देखना रोमांचकारी होगा की क्या एक प्रतिभाशाली बच्चे को अपने वर्ग और जाति से ऊपर उठकर काम करने दिया जायेगा या वो भी जात-पात की राजनीति का शिकार हो जायेगा |

अब शुरू होता है एक पिता का काम जो पहले से ही समाज से भरा बैठा है | जो समाज से अपने ऊपर हुए ज़ुल्मों का बदला लेना चाहता है | और अपना बदला लेने के लिए एक पिता अपने बेटे को हो हथियार के रूप में प्रस्तुत कर देता है |

लेकिन इस कहानी में एक बहुत बड़ा मोड आता है जो अभी बताना सही नहीं होगा वरना फिल्म देखने का पूरा मज़ा ही किरकिरा हो जायेगा |

सीरियस मैन रिव्यु (Serious Man Review)

सीरियस मेन भारतीय शिक्षा प्रणाली पर कड़ा प्रहार करता प्रतीत होता है | भारत में जिस प्रकार शिक्षा पाठ्यक्रम निर्धारित होता है उसी प्रकार माता-पिता के सपने भी | हर माँ-बाप अपने बच्चो से बहुत सी अपेक्षाएं रखते है | कई बार तो ये अपेक्षाएं बच्चे की नैसर्गिग प्रतिभा का हनन तक कर देती है |

हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म परीक्षा में भी पिता और पुत्र की एक ऐसी ही कहानी को पेश किया गया था | लेकिन परीक्षा और सीरियस मैन में मुख्य अंतर ये है की परीक्षा में जहाँ पिता अपने पुत्र की उच्च शिक्षा के लिए गलत काम करने को तैयार हो जाता है वहीं सीरियस मैन अपनी कुंठाओं के कारण अपने पुत्र को हथियार के रूप में पेश करता है |

टूटी हुई भारतीय शिक्षा प्रणाली का एक आलोचक है, जैसा कि इसके द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के रूप में रटे हुए हैं, और माता-पिता की उस उम्र की भारतीय प्रवृत्ति है जो अपने बच्चों पर अपने अधूरे सपनों को पेश करती है। एक बिंदु के बाद, ऐसा लगता है कि अय्यान अपने बेटे के भविष्य की खातिर अपना भव्य सम्मेलन जारी नहीं रख रहा है, बल्कि अपनी कुंठाओं को दूर करने के लिए। चलना मुश्किल है। एक झूठा कदम और अय्यान बदनाम हो जाता है।

अभिनय (Acting)

नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी का नाम बड़े बड़े सितारों की तरह नहीं लिया जाता लेकिन फिर भी एक्टिंग के मामले में वो कई बड़े बड़े सितारों को पीछे छोड़ते नज़र आते है | अपनी हर फिल्म में वो अभिनय का नया मुक़ाम हासिल करते नज़र आते है | सीरियस मैन भी उनकी अद्भुत अभिनय का नज़ारा पेश करती एक बढ़िया फिल्म है |

नवाज़ के बाद फिल्म में उनकी पत्नी बनी इंदिरा तिवारी और बेटे का किरदार निभा रहे अक्षत दास ने कमाल का काम किया है | अक्षत तो ऐसा लगता है मानो नवाज़ के सगे बेटे हो इंदिरा ने अपना काम बखूबी किया है और राधिका आप्टे का बेहतर विकल्प बन कर सामने आयी है |

नासार, श्वेता बासु प्रसाद और संजय नार्वेकर फिल्म के अन्य मुख्य कलाकारों में से है जिन्होंने अपना काम बखूबी निभाया है | पूरी फिल्म इन्ही ४-५ कलाकारों के इर्द-गिर्द घूमती है | हालांकि श्वेता बासु परसाद सरीखी अभिनेत्री को फिल्म में बहुत कम जगह दी गयी हैं जो सही नहीं लगता हैं |

निर्देशन (Direction)

निर्देशक के रूप में सुधीर मिश्रा अपनी पहली फिल्म जाने भी दो यारों (1984) की कहानी से प्रेरित नज़र आते है | गौरतलब है की इस फिल्म का स्क्रीनप्ले सुधीर मिश्रा ने ही लिखा था | लेकिन सीरियस मैन की कहानी को लिया गया है मनु जोसफ के इसी नाम से लिखी गई किताब से जो जाति, वर्ग और वर्ण के आधार पर बंटे हुए समाज पर तंज कसती है।

फिल्म में बहुत ही गंभीर सन्देश दिया गया है लेकिन निर्देशक सुधीर मिश्रा ने आसान तरीके से इसे सामने रखने की कोशिश की है। एक निर्देशक के रूप में सुधीर मिश्रा का काम सराहनीय है |

लेखन (Writing)

मनु जोसफ की पुस्तक को एक भारतीय फिल्म के रूप के ढालने के लिए ४ लोगो का सहारा लिया गया है | स्क्रीनप्ले को मुख्य रूप से लिखा है अभिजीत खुमान और भावेश मंडलीय ने जो इस फिल्म के निर्माता भी हैं | नीरेन भट्ट और निखिल नैयर ने इस फिल्म में अतिरिक्त स्क्रीनप्ले लिखने का काम दिया गया हैं |

सभी लेखकों का काम सराहनीय हैं | लेकिन पत्रों को स्थापित करने में लेखक और निर्देशक दोनों ने बहुत समय लिया हैं जो की काफी उबाऊ हैं और फिल्म का कमजोर पक्ष हैं | फिल्म को थोड़ा छोटा किया जा सकता था लेकिन ये एडिटर की कमी रही और फिल्म में ये कमी बहुत खलती हैं |

लेकिन अगर पूरी फिल्म की बात करे तो यह एक बेहतरीन फिल्म हैं जो आप पूरे परिवार के साथ देख सकते हैं | फिल्म समाज में व्याप्त बुराइयों पर व्यंगात्मक तंज कसती हैं | अगर आपको भी इस तरह की फिल्मे देखना पसंद हैं तो ये आपके लिए हैं | लेकिन अगर आप मसाला फिल्मों के शौक़ीन हैं तो ये फिल्म आपके लिए कतई नहीं हैं |

सीरियस मैन रेटिंग (Serious Man Rating)

बॉलीवुड प्रोडक्ट की तरफ से इस फिल्म को 10 में से 7.5 रेटिंग दी जा रही हैं |

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