Lyrics Ye Raat Bheegi Bheegi

0
1591

Lyrics in English | Ye Raat Bheegi Bheegi | Chori Chori (1956)

Ye Raat Bheegi Bheegi
Ye Mast Fizayen
Uthha Dheere Dheere Wo
Chaand Pyara Pyara
Ye Raat Bheegi Bheegi
Ye Mast Fizayen
Uthha Dheere Dheere Wo
Chaand Pyara Pyara

Kyu Aag Si Laga Ke
Gumsum Hain Chaandni
Sone Bhi Nahi Deta
Mausam Ka Ye Ishaara……….

Ithlaati Hawa Neelam Sa Gagan
Kaliyon Pe Ye Behoshi Ki Nami
Aise Me Bhi Kyu Bechain Hai Dil
Jeewan Me Na Jaane Kya Hai Kami

Kyu Aag Si Laga Ke
Gumsum Hain Chaandni
Sone Bhi Nahi Deta
Mausam Ka Ye Ishaara
Ye Raat Bheegi Bheegi
Ye Mast Fizayen
Uthha Dheere Dheere Wo
Chaand Pyara Pyara………..

Jo Din Ke Ujaale Me Na Mila
Dil Dhoonde Aise Sapne Ko
Is Raat Ki Jagmag Me Doobi
Main Dhoond Rahi Hoon Apne Ko
Ye Raat Bheegi Bheegi
Ye Mast Fizayen
Uthha Dheere Dheere Wo
Chaand Pyara Pyara

Kyu Aag Si Laga Ke
Gumsum Hain Chaandni
Sone Bhi Nahi Deta
Mausam Ka Ye Ishaara……….

Aise Me Kahi Kya Koyee Nahin
Bhoole Se Jo Ham Ko Yaad Kare
Ek Halki Si Muskaan Se Jo
Sapno Ka Jahan Aabad Kare
Ye Raat Bheegi Bheegi
Ye Mast Fizayen
Uthha Dheere Dheere Wo
Chaand Pyara Pyara

Kyu Aag Si Laga Ke
Gumsum Hain Chaandni
Sone Bhi Nahi Deta
Mausam Ka Ye Ishaara
Ye Raat Bheegi Bheegi
Ye Mast Fizayen
Uthha Dheere Dheere Wo
Chaand Pyara Pyara………..

Song: Ye Raat Bheegi Bheegi
Film: Chori Chori (1956)
Singer: Lata Mangeshkar, Manna Dey
Music Director: Shankar-Jaikishan
Lyricist: Shailendra
Featuring: Nargis Dutt, Raj Kapoor

Lyrics Ye Raat Bheegi Bheegi from Chori Chori (1956)

Lyrics in Hindi | Ye Raat Bheegi Bheegi | Chori Chori (1956)

ये रात भीगी भीगी
ये मस्त फ़िज़ाएं
उठा धीरे धीरे वो
चाँद प्यारा प्यारा
ये रात भीगी भीगी
ये मस्त फ़िज़ाएं
उठा धीरे धीरे वो
चाँद प्यारा प्यारा

क्यूँ आग सी लगा के
गुमसुम हैं चांदनी
सोने भी नहीं देता
मौसम का ये इशारा ……….

इठलाती हवा नीलम सा गगन
कलियों पे ये बेहोशी की नमी
ऐसे में भी क्यूँ बेचैन है दिल
जीवन में ना जाने क्या है कमी

क्यूँ आग सी लगा के
गुमसुम हैं चांदनी
सोने भी नहीं देता
मौसम का ये इशारा
ये रात भीगी भीगी
ये मस्त फ़िज़ाएं
उठा धीरे धीरे वो
चाँद प्यारा प्यारा ………..

जो दिन के उजाले में ना मिला
दिल ढूंढे ऐसे सपने को
इस रात की जगमग में डूबी
मैं ढून्ढ रही हूँ अपने को
ये रात भीगी भीगी
ये मस्त फ़िज़ाएं
उठा धीरे धीरे वो
चाँद प्यारा प्यारा

क्यूँ आग सी लगा के
गुमसुम हैं चांदनी
सोने भी नहीं देता
मौसम का ये इशारा……….

ऐसे में कहीं क्या कोई नहीं
भूले से जो हम को याद करे
एक हलकी सी मुस्कान से जो
सपनो का जहाँ आबाद करे
ये रात भीगी भीगी
ये मस्त फ़िज़ाएं
उठा धीरे धीरे वो
चाँद प्यारा प्यारा

क्यूँ आग सी लगा के
गुमसुम हैं चांदनी
सोने भी नहीं देता
मौसम का ये इशारा
ये रात भीगी भीगी
ये मस्त फ़िज़ाएं
उठा धीरे धीरे वो
चाँद प्यारा प्यारा………..

गीत: ये रात भीगी भीगी
फिल्म: चोरी चोरी (1956)
गायक: लता मंगेशकर, मन्ना डे
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: शैलेन्द्र
कलाकार: नरगिस, राज कपूर

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here