दुर्गामती (Durgamati) एक बॉलीवुड हॉरर थ्रिलर फिल्म है । फिल्म 11 दिसंबर 2020 से ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेज़ॅन प्राइम वीडियो पर उपलब्ध है । पहले फिल्म का शीर्षक दुर्गावती था लेकिन 23 नवंबर 2020 को इसे बदलकर दुर्गामती कर दिया गया।
दुर्गमति तेलुगु भाषा की फिल्म भागमथि (2018) का रीमेक है जिसमे अनुष्का शेट्टी ने मुख्य भूमिका निभायी थी। जी. अशोक ने इस फिल्म को लिखा और निर्देशित किया था | दुर्गमति को भी जी. अशोक ने ही लिखा और निर्देशित किया है।
अक्षय कुमार, भूषण कुमार, कृष्ण कुमार और विक्रम मल्होत्रा ने इस फिल्म का निर्माण किया है। भूमि पेडनेकर, अरशद वारसी और जीशु सेनगुप्ता ने फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है । फिल्म में धनराज के सिवा सभी कलाकार बदल दिए गए है | धनराज भागमती में पुलिस कांस्टेबल की भूमिका निभायी थी और दुर्गमति में भी वो इसी किरदार में नज़र आ रहे है|
एक ईमानदार राजनीतिक नेता ईश्वर प्रसाद (अरशद वारसी) के रहस्यों को जानने के लिए, पुलिस गुप्त रूप से हत्या के अपराध में जेल में बंद एक अंडर ट्रायल अपराधी चंचल चौहान (भूमि पेडेकर), जो 10 साल से आईएएस अधिकारी और ईश्वर प्रसाद के सचिव के रूप में काम करता थी, से पूछताछ करने की योजना बनती है ।
चूंकि चंचल एक आईएएस अधिकारी है इसलिए जेल में उस से पूछताछ करने से इस बारे में सबको बता चल जायेगा इसीलिए सीबीआई अफसर सताक्षी गांगुली (माही गिल) चंचल को अनाधिकारिक रूप से पूछताछ के लिए जेल के अलावा कहीं और रखने की योजना बनती है |
ए सी पी (जिशु सेनगुप्ता) जिसके भाई शक्ति (करण कपाड़िया) की हत्या के इलज़ाम में चंचल को गिरफ्तार किया गया है, को चंचल को किसी सुरक्षित स्थान में रखने की जिम्मेदारी दी जाती है |
सताक्षी गांगुली उसे प्रेतवाधित दुर्गामति किले में रखने का फैसला करती है क्योंकि वहाँ कोई आता जाता नहीं है लेकिन किले में कई असामान्य और अप्रत्याशित डरावनी घटनाएं घटती है और एक रहस्यमयी बदला लेने वाली कहानी को जन्म देती हैं।
फिल्म तेलुगु भाषा की एक अत्यंत सफल फिल्म भागमती का रीमेक है जिसमे अनुष्का शेट्टी ने बेहतरीन काम किया था | चूंकि यह एक ओरिजिनल फिल्म थी इसीलिए दर्शको को बेहद पसंद आयी और बाद में इसे हिंदी भाषा में डब करके इसी नाम से यूट्यूब पर भी दिखाया गया | ऐसे में पूरे भारत में इस फिल्म को व्यापक तौर पर देखा गया और फिल्म का सस्पेंस पहले ही दर्शको के सामने खुल गया|
अब चूंकि अधिकतर दर्शको को पहले से ही पता होगा की क्या होने वाला है तो ऐसे में दुर्गामती में कुछ नयापन जरूरी था लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं हुआ | दुर्गामती को बिलकुल उसी तरह से बनाया गया जैसे भागमती को बनाया गया था ऐसे में जिन लोगो ने भागमती पहले से ही देखी हुए है वो दुर्गमति से निराश होंगे|
दुर्गामती में शुरूआती करीब 30-40 मिनट कहानी की भूमिका बांधने में लगाए गए है जो बहुत अखरते है| इस कारण से फिल्म की कुल लम्बाई लगभग 155 मिनट्स (2 घंटे 35 मिनट्स) हो जाती है जो बहुत चुभती है | इस फिल्म को बेहतरीन तरीके से एडिट करके करीब 2 घंटे का बनाया जा सकता था लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं हुआ और फिल्म के निर्देशक और संपादक बुरी तरह निराश करते है|
फिल्म के मेकर्स ने रीमेक के लिए जिस फिल्म को चुना वो एक बेहतरीन फिल्म थी लेकिन ये भी ध्यान रखना था की फिल्म को हिंदी में डब किया गया था और बहुत से लोगो ने यूट्यूब पर फ्री में फिल्म देखने का लुत्फ़ तो उठाया ही होगा | ऐसे में जब रीमेक बनाया जाये और वो ओरिजिनल से बेहतर न हो तो फिल्म को दर्शक बुरी तरह नकार सकते है ऐसा ही कुछ दुर्गामती के साथ होता अगर ये सिनेमा हॉल में दिखाई गयी होती|
अगर आपने भागमती देखी है तो फिर दुर्गामती आपके लिए नहीं है लेकिन अगर आपने पहले फिल्म नहीं देखी है तो दुर्गामती आपको बेशक पसंद आ सकती है लेकिन फिर भी इसे बहुत बढ़िया फिल्म का दर्ज़ा नहीं दिया जा सकता है|
भागमती देखने के बाद दुर्गामती में तुलनात्मक रूप से कुछ भी अच्छा नहीं लगता है | हालांकि जीशु सेन गुप्ता और माही गिल ने बेहतरीन देने की कोशिश की है | लेकिन लीड एक्ट्रेस के रूप में भूमि शायद अनुष्का शेट्टी से 2 कदम पीछे ही रह गयी है|
मुझे दुर्गामती देखकर बहुत निराशा हुई क्योंकि फिल्म का ट्रेलर देखकर ऐसा लगा था की ये फिल्म भी अपनी मूल फिल्म की तरह एक बेहतरीन फिल्म होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ | कुछ भी क्रिएटिव नहीं किया गया और इसीलिए फिल्म का सस्पेंस पहले से ही मालूम होने के कारण फिल्म अपने प्रभाव छोड़ने में नाकामयाब रहती है|
दक्षिण भारत की सस्पेंस थ्रिलर का रीमेक किस तरह से बनाये ये जानने के लिए दृश्यम को देखा जा सकता है | इस फिल्म को इतने बेहतरीन तरीके से बनाया गया था की बॉलीवुड में ये एक माइलस्टोन फिल्म बन कर रह गयी और फिल्म का क्लाइमेक्स आपके रोंगटे खड़े कर देता है|
अगर आपने भागमती नहीं देखी है तो आप दुर्गामती को एक बार जरूर देख सकते है लेकिन इस फिल्म को देखने के बाद यही कहूंगा की नाम बड़े और दर्शन छोटे| बॉलीवुड प्रोडक्ट की तरफ से फिल्म को 10 में से 5 रेटिंग दी जा रही है जो जरुरत से ज्यादा है |
आप लोग भी फिल्म देखने के बाद अपनी राय कमेंट करके जरूर बताइयेगा | फिर मिलेंगे अगले रिव्यु के साथ, तब तक के लिए इजाजत दीजिये|