द लास्ट कलर (The Last Color) भारतीय-अमेरिकी शेफ विकास खन्ना द्वारा निर्मित और निर्देशित एक भारतीय फीचर फिल्म है। इस फिल्म को सबसे पहले 4 मई 2019 को पाम स्प्रिंग इंटरनॅशनल फिल्म फेस्टिवल में दिखाया गया था|
भारत में आज भी विधवाओं के लिए बहुत सी पाबंदिया है और यह फिल्म भारत में वृंदावन और वाराणसी में विधवाओं की आपबीती को संबोधित करती है।
द लास्ट कलर की कहानी बताती है की कैसे एक 9 साल की छोटी बच्ची एक ऐसी विधवा के साथ दोस्ती करती है और उसके जीवन में रंग जोड़ने का वादा करती है। यह फिल्म ब्लूम्सबरी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित खन्ना की अपनी पुस्तक ‘द लास्ट कलर’ पर आधारित है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कई छात्रों ने भी इस परियोजना में एक प्रशिक्षु के रूप में काम किया है|
कहानी भारत के वाराणसी शहर में फैली हुई है, जहाँ छोटी (Aqsa Siddiqui) जो एक नौ साल की छोटी बच्ची है, फूल बेच कर 300 रुपये बचाने की कोशिश करती है ताकि वह स्कूल जा सके |
छोटी को जीने के लिए प्रतिदिन संघर्ष करना पड़ता है और इस संघर्ष में वह अपने करीबी दोस्त करीबी चिंटू (Rajeswar Khanna) को अपने साथ पाती है और दोनों मिलकर अपने सामने आने वाली समस्याओं की निदारण करते है|
छोटी की मुलकात नूर (Neena Gupta) से होती है जो एक विधवा है और भारतीय रीति रिवाज़ो के मुताबिक हमेशा सफ़ेद साड़ी पहनती है| नूर के खुद के अस्तित्व को समाज के खोखले रिवाज़ों ने बिलकुल ख़तम कर दिया है| विधवा होने के कारण उसे किसी भी उत्सव इत्यादि में शामिल होने का अधिकार बिलकुल भी नहीं दिया गया है यहां तक की होली जिसे रंगो का त्यौहार कहा जाता है उसमें भी नूर का शामिल होना मना है|
धीरे-धीरे नूर और छोटी एक दोस्त की तरह बन जाते है और उनके रिश्ते की डोर मजबूत होती जाती है नूर, वहीं दूसरी ओर, छोटी को युवती को बोल्डनेस, स्कूली शिक्षा और कशिश के साथ “ऊंची उड़ान” द्वारा जीवन का सामना करना सिखाती है।
नूर अपने बचपन की होली खेलने की यादों को छोटी के साथ शेयर करती है| अंततः छोटी, नूर की ज़िंदगी में फिर से रंग भरने का विचार करती है| छोटी वादा करती है की आने वाली होली में नूर भी रंगो के त्यौहार होली में रंगो के साथ खेल पायेगी|
लेकिन जो छोटी ने सोचा वो समाज में धर्म के ठेकदारों को बिलकुल मंजूर नहीं था| होली की पूर्व संध्या पर नूर की मौत हो जाती है| चूंकि छोटी ने धर्म के ठेकदारों से सीधी टक्कर ली थी इसलिए उसे भी भ्रष्ट पुलिसकर्मी राजा (Aslam Shekh) के द्वारा हिरासत में ले लिए जाता है|
क्या छोटी के पास अपना वादा पूरा करने का और नूर के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के प्रति वफादार रहने का कोई विकल्प होगा? बिलकुल नहीं क्योंकि नूर अब इस दुनिया में ही नहीं रही है|
कहनी 24 वर्ष आगे चली जाती है जब छोटी (Princy Sudhakaran) एक वकील बन चुकी है और अब वह समाज के उस पिछले वर्ग में सांस्कृतिक परिवर्तनों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखती है| द लास्ट कलर समाज में फैली हुई बुराई और उसे खतम करने के बीच की जद्दोजहत को बखूबी पेश करती है|